कोई मजहब नहीं कहता सितम हो बेकसूरों पर--गढ वाले बाबा के उर्स मे भोर तक झूमे श्रोता

रायपुर 25 दिसंबर (राधेश्याम वैष्णव)जन्नत में मुसलमान कभी जा नहीं सकता....., बहती है यह प्रेम की गंगा बहने दो........, कोई मजहब नहीं कहता सितम हो बेकसूरों पर......., आका मदीने वाले........। आदि कव्वालियों पर भोर तक श्रोता मन्त्रमुग्ध हो श्रवण करते रहे। कव्वालों का उत्साहवर्धन दर्शकों ने हजारों नोटों की पुष्प की तरह वर्षा कर किया। अवसर था कस्बे के हजरत माईंगपीर रहमतुल्लाह अलैह उर्फ गढ़ वाले बाबा के तीन दिवसीय उर्स के दूसरे दिन रात्रि को आयोजित क़व्वाली कार्यक्रम  का। कार्यक्रम में अन्तर्राष्ट्रीय सूफियाना कव्वाल असलम निजामी झाँसी, सदाक़त साबरी व बाबूभाई कपासन आदि थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवनिर्वाचित विधायक कैलाश त्रिवेदी थे। रायपुर ग्राम पंचायत के उप सरपंच हारूनमोहम्मद छीपा के नेतृत्व में दरगाह वक्फ कमेटी के सदस्यों ने सभी अतिथियों का साफा बंधन व माल्यार्पण से स्वागत अभिनंदन किया। इस अवसर पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवराजसिंह चारण, पूर्व  सरपंच कुलदीप त्रिवेदी,पर्यावरण प्रेमी रमेशचंद्र वैष्णव,जयदीप-रणदीप-संदीप- आदित्य -विशाल त्रिवेदी,सलीम शाह, रज्जाक खां,सत्तारखां, जमील खां पठान,असलम,फिरोज,रिजवान सहित देश भर के विभिन्न  राज्यों  से आए हजारों महिला पुरूष जायरीन उपस्थित थे। बाबा के दरबार  में चादर की तशरीफ पेश करने वाले सभी मेहमानों का दरगाह वक्फ कमेटी पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा पुष्पमाला से सम्मान किया गया। 



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