विविधता को आत्मसात करने से युवाओं का विकास सम्भव- जोशी

रायपुर 5 जनवरी(राधेश्याम वैष्णव),युवा होने का अर्थ है चलायमान और उर्जावान शरीर, जो भीड़ का हिस्सा नहीं है, जो अलग सोचता है अलग विचार करता है और लकीर का फकीर नहीं बनता। इस युवा का विकास तब होता है जब वह विविधता को आत्मसात् करने का माद्दा रखता हो। यह विचार माणिक्य लाल वर्मा राजकीय विद्यालय में राजनीति विज्ञान के सह- आचार्य डा. पयोद जोशी ने स्थानीय महाविद्यालय के युवा विकास केंद्र के कार्यक्रम के प्रथम सत्र के अंतर्गत अपने मुख्य वक्तव्य में व्यक्त किए । डा जोशी ने आगे के वक्ततव्य में राजनीति विज्ञान पढ़ने और समझने की कला को विभिन्न उदाहरणों के साथ विद्यार्थियों को समझाया। 


विद्यार्थियों से संवाद करते हुए दूसरे सत्र में माणिक्य लाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय में अंग्रेजी के सह- आचार्य डॉ अनंत दाधीच ने अंग्रेजी विषय के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि विद्यार्थी कोचिंग पर निर्भरता से बचें । विद्यार्थीयों को प्रतियोगिता की तैयारी करने के क्रम में जिज्ञासा की धार को निरन्तर पैना  करते रहें। आज की प्रतियोगीता परीक्षा में आशावादी सोच और अध्ययन निरंतरता की महती आवश्यकता है । कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य राधेश्याम बांगड़ ने समाज के बहुमुखी विकास में विद्यार्थियो को अपने सकारात्मक व्यक्ततित्व निर्माण पर बल दिया।  युवा विकास केंद्र के प्रभारी डॉ मनीष रंजन ने सत्र पर्यंत कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की । छात्र संघ अध्यक्ष मुकेश कुमावत ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।कार्यक्रम में संकाय सदस्यों सहित छात्र-छात्राऐं उपस्थित थे।

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