बाल सखा से मिलने के लिए नंगे पांव दौड़े भगवान

              रायपुर 13 जून, (राधेश्याम वैष्णव)मित्रता हो तो सुदामा कृष्ण जैसी, राम सुग्रीव जैसी, दूध पानी जैसी। कृष्ण सुदामा को द्वार पर आया जानकर नंगे पैर ही स्वयं दौड़ पड़े और स्वयं के आसन पर बैठाकर आंसुओं से चरण धोए। तीन मुट्ठी में से दो मुट्ठी चावल खा कर दो लोक मित्र के लिए सहजता से दिए।कृष्ण ने रुक्मणी को कहा कि मुझे सूखे चावल खाने से मत रोको क्योंकि इन चावलों में मुझे मैया यशोदा के माखन का स्वाद आ रहा है। इस तरह मधुर वाणी में सुदामा कृष्ण का मिलन, सुदामा की दरिद्रता आदि विषय पर क्षैत्र के नांदशा-जागीर ग्राम के रावला चौक में ठा.शंभुसिंह,सरपंच भैरुसिंह चुण्डावत द्वारा आयोजित भागवत कथा के अंतिम दिन समापन अवसर पर पंडित ओम प्रकाश महाराज ने व्यासपीठ से सुनायाा। महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ भागवत कथा का समापन हुआ। कथा के मध्य अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पे सुदामा गरीब आ गया है.......भजन पर माताओं-बहनों ने खूब नृत्य किया। कृष्ण सुदामा की सजीव झांकी ने भी दर्शकों को भक्ति रस में डूबोया । कथा में विधायक कैलाशचंद्र त्रिवेदी, भारत विकास परिषद के सचिव रमेशचंद्र वैष्णव का तिलक, माल्यार्पण, दुपट्टा,साफा पहनाकर व कृष्ण भगवान की तस्वीर देकर सात दिवसीय भागवत कथा के आयोजक नांदशा ग्राम पंचायत के सरपंच भैरूसिंह चुंडावत ने सम्मान किया। इस अवसर पर समाजसेवी राजेंद्र सिंह चौहान, रामलाल सुथार, रामचंद्र सालवी, छोटूसिंह चुंडावत, भंवरसिंह चुंडावत, विष्णुसिंह चुंडावत, रघुवीरसिंह चुंडावत, गोवर्धनलाल लोहार, शंकर पुरी, सुरेश तिवारी, ओमप्रकाश शर्मा, विनयगोविंद त्रिवेदी, शंभू सिंह चुंडावत, गोपाल लाल लोहार, जयदीपसिंह बड़वा, सत्यनारायण शर्मा, महेंद्रसिंह चुंडावत, जगदीशचंद्र दाधीच, जगदीशचंद्र सुथार सहित सैकड़ों धर्म प्रेमी महिला पुरुष बच्चे उपस्थित थे।कथा से पूर्व नांदशा ग्राम के  रगतिया भैरु जी मंदिर परिसर में बुधवार की शाम को 12,000 से भी अधिक भक्तों का सहभोज भागवत कथा के समापन अवसर पर प्रसाद निमित्त कथा आयोजक चुंडावत परिवार द्वारा रखा गया।



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