"कलियुग केवल नाम आधारा,सुमिरि-सुमिरि नर उतरहिं भव पारा"-शर्मा

रायपुर 10 जून, (राधेश्याम वैष्णव)नाम के प्रभाव से इंसान भवसागर को पार हो जाता है। अजामिल ने परमात्मा का नाम लेकर मोक्ष प्राप्त कर लिया था। गज का  मगरमच्छ ने पैर पकड़ लिया लेकिन प्रभु नाम के प्रभाव से उसको मुक्ति मिली। उक्त विचार पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने रविवार को तहसील क्षेत्र के नांदशा - जागीर ग्राम में चुंडावत परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन रावला चौक में उपस्थित सैंकड़ों भक्तों के समक्ष व्यक्त किए।महाराज ने बताया कि बालक को गर्भ में ही ज्यादा संस्कार मिलते हैं। प्रहलाद ने अपनी मां के पेट में नारद द्वारा हरी कथाएं सुनी जिससे राक्षस बालक भक्त प्रहलाद बन गया और संसार में अमर हो गया। आज की माताएं गर्भ काल में टीवी व मोबाइल का उपयोग ज्यादा करती है जिससे बच्चों में भी टीवी व  मोबाइल के संस्कार आ रहे हैं । गर्भकाल में माताएं अच्छे वातावरण, सात्विक भोजन, खुशनुमा वातावरण, हरि भजन जैसे माहौल में रहेगी तो आजाद, भगतसिंह, अभिमंयु व हनुमान जैसे बालकों का जन्म होगा। कथा के दौरान सांसद सुभाष बहेड़िया, सरपंच भैरुसिंह चुंडावत, रायपुर ग्राम पंचायत सरपंच रेखा तातेला, शंभुसिंह गोपाल लौहार, नवरतनसिंह सालावत, भंवर सिंह चुंडावत, सुरेश तिवाड़ी, धनसिंह , रामलाल सुथार, रामचंद्र सालवी, राजेंद्रसिंह चौहान, मूलसिंह चुंडावत, कृष्णगोपालसिंह,सत्यनारायण शर्मा सहित सैंकड़ों महिला पुरुष बच्चे उपस्थित थे। मंगलवार को बाल कृष्ण की लीलाएं,कंस वध,रुक्मणी विवाह की कथा रहेगी।


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