
रायपुर 18 जून, (राधेश्याम वैष्णव)तहसील क्षेत्र के नांदशा-जागीर ग्राम पंचायत मुख्यालय के रगतिया भेरु जी के पास वन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तृतीय चरण अप्रैल 2018 में "वृक्ष कुंज" बनाया गया। 5 वर्षों में इसे हरा भरा बनाना था। वृक्ष कुंज पर चार लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। नरेगा के माध्यम से सुरक्षा हेतु एक सुरक्षा प्रहरी लगाया गया है। जो रात दिन पौधों की सुरक्षा करता है। राजस्थान सरकार राजस्थान को हरित बनाकर समृद्धि लाना चाहती है। इसलिए वर्षा काल में करोड़ों रूपए खर्च कर वन विभाग के माध्यम से पौधे लगाने का अभियान चलाया जाता है । उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन वन विभाग ौौकी देखरेख में स्थापित वृक्ष कुंजों की दशा बहुत दयनीय हो रही है। जिस वृक्ष कुंज में आज पौधे नजरआने चाहिए थे वहां आज कंटीली झाड़ियां नजर आ रही है। आम लोगों द्वारा जहां भी पौधे लगाए जाते हैं सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड लगाकर उनकी देख रेख की जाती है। 5 वर्षों बाद वह पौधा पेड़ के रूप में नजर आता है। लेकिन वन विभाग के कार्यों में लापरवाही के चलते सरकार के करोड़ों रूपए धूल में मिल रहे हैं। जब तक वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों पर सरकार नकेल नहीं कसेगी तब तक राजस्थान कभी भी हरा- भरा नहीं हो सकता है। अलग से विभाग बनाने के बाद अभी राजस्थान में जिस गति से पौधों की संख्या बढनी चाहिए उस गति से नहीं बढ रही है। इसका मुख्य कारण वन विभाग की उदासीनता है। गर्मी के मौसम में वृक्ष कुंजों में पानी पिलाने के लिए लाखों रुपए स्वीकृत किए गए लेकिन वन विभाग ने एक वक्त भी इन सूखे पौधों को पानी नहीं पिलाया। तहसील क्षेत्र में कुल 16 वृक्ष कुंज हैं लेकिन किसी में भी वन विभाग द्वारा गर्मी में पानी की एक बूंद तक नहीं पिलाई जिससे आज पौधों के स्थान पर कंटीली झाड़ियां नजर आ रही है। जिम्मेदारों पर आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाएगी तब तक वृक्ष कुंजों में कंटीली झाड़ियां ही नजर आएगी।