सही अर्थों में पर्यावरण संरक्षण को समझा और कर दिखाया गौशाला व्यवस्थापक दाधीच ने
रायपुर 4जून, (राधेश्याम वैष्णव)3 वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण गोशाला रायपुर में भारत विकास परिषद के संरक्षक सुभाष झंवर, सचिव रमेशचंद वैष्णव कोषाध्यक्ष कमलेश मूंदड़ा गए तो सैंकड़ों बीघा जमीन पर फसलें लह-लहा रही थी लेकिन फलदार पौधों के नाम पर कुछ भी नहीं था। छायादार पौधे तो परिषद परिवार द्वारा हर वर्ष लगाए जा रहे थे लेकिन गौशाला में उड़ते हुए मूक पंछियो की भूख मिटाने के लिए एक भी फलदार पौधा नहीं था। परिषद के पर्यावरण प्रभारी रमेशचंद्र वैष्णव ने सोचा कि फलदार पौधे होंगे तो उसका पुण्य सभी को मिलेगा एवं गो-शाला में आने वाले मेहमानों को भी फल उपलब्ध होंगे। जुलाई 2016 में परिषद परिवार ने क 350 अनार,750 अमरुद, 15 चीकू, 15 आवला के पौधे पूर्व विधायक डा. बी आर चौधरी, पूर्व मंत्री डा. रतनलाल जाट के मुख्य आतिथ्य में कुल 830 फलदार पौधे रोपे गए। श्रीकृष्ण गोशाला के व्यवस्थापक ओमप्रकाश दाधीच ने इनकी रक्षा व संरक्षण की जिम्मेदारी ली। आज 3 वर्ष पूर्ण चुके हैं। जिसमें300 अनार, 400अमरुद,10आंवले, 10 चीकू के पौधे तीन से पांच फुट तक बड़े हो चुके हैं। ओमप्रकाश दाधीच बताते हैं कि 6 बीघा जमीन में ये फलदार पौधे इस तरह लगाए गए हैं कि फसल भी हो जाती है एवं फलदार पौधे भी बड़े हो रहे हैं । भारत विकास परिषद का सपना है कि प्रत्येक गाय व उसका बछड़ा प्रकृति की गोद में पेड़ के नीचे रहे। कृत्रिम पशु बाड़े में गायों को शुद्ध वायु नहीं मिलती है जिससे गायें कुंठित रहती है। इस हेतु परिषद परिवार धीरे-धीरे गो-शाला में सघन पौधरोपण कर इस सपने को साकार करेगा।