महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित कर जयंती मनाई

रायपुर 6 जून, (राधेश्याम वैष्णव)महाराणा प्रताप ने अपने देश की आन बान शान के लिए संघर्ष किया । अंत तक मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। संपन्न होने के बाद भी कष्टों भरा जीवन अपनाया। हमें उनके आदर्शों पर चल कर गौरव का अनुभव करना चाहिए। उक्त विचार राष्ट्रीय बाल साहित्यकार डॉक्टर सत्यनारायण तातेला ने कस्बे के राजकीय महाराणा उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष भारत विकास परिषद, पतंजलि योग समिति, महाराणा प्रताप स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर मुख्य वक्ता पद से उपस्थित जनों के समक्ष व्यक्त किए। डा. तातेला ने महाराणा प्रताप के जीवन के अनेक उदाहरण देकर उपस्थित जनों में देशभक्ति का जोश भरा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी गणपत सिंह राणावत केमुनिया, अध्यक्ष तहसीलदार मनोहर लाल कुमावत, विशिष्ट अतिथि योगाचार्य नीतू यादव व राजस्थान युवा जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष केसर जाट थे । भारत विकास परिषद के सचिव रमेश चंद्र वैष्णव के नेतृत्व में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर समस्त अतिथियों की उपस्थिति में माल्यार्पण दीप प्रज्वलन तिलक पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कई वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को अपने शब्दों के माध्यम से प्रेरक रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर चेतन सुखलेचा, गिरधारी लाल कुमावत, सुरेश डांगी, राजकीय महाविद्यालय के पूर्व उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह चुंडावत, पूर्व अध्यक्ष परमेंद्र सिंह चुंडावत सहित कई युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी गणपत सिंह राणावत ने अपने उद्बोधन मेंअति शीघ्र महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित कर आमजन को समर्पित करने की बात कही।


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