सैकड़ों महिलाओं ने मिलकर किया सरोवर पूजन व निकाली शोभायात्रा
रायपुर 11 सितंबर, (राधेश्याम वैष्णव)कस्बे के ओगड़िया हनुमान मंदिर पर बुधवार प्रातः11:00 बजे कस्बे की हजारों महिलाएं एकत्रित होकर अखिल विश्व गायत्री परिवार के पंडित राधेश्याम वैष्णव द्वारा किए जा रहे गायत्री परिवार के यज्ञ में शिरकत करते हुए सरोवर से 101 कलशों में सरोवर का जल लेकर शोभायात्रा के रूप में आवड़ा चौक, रघुनाथ मंदिर,झंवर मौहल्ला,बाजार
की कुई, जैन मंदिर, सुथार मोहल्ला, गाडरी मौहल्ला, कुमावत चौक, अंबिका नगर, बस स्टैंड, बड़ा मंदिर, शीतला माता मंदिर, पंचमुखी चौक, पतंजलि चौराया, हास्ती गुरु पावन धाम, यामाहा शोरुम चौराया, जाट मोहल्ला, लुहार मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला होते हुए पुनः हनुमान मंदिर पहुंची। शोभायात्रा का मार्ग में पुष्प वर्षा से कई सामाजिक संगठनों ने स्वागत अभिनंदन करते हुए शीतल पेय का सेवन कराया। मार्ग में डी जे की भक्ति धुनो पर सैकड़ो महिला पुरुष नृत्य करते गाते हुए चल रहे थे। इस सरोवर महोत्सव मे युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया । समस्त कार्यक्रम का वरिष्ठ अध्यापक एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के हीरालाल सुथार ने समापन के बाद समस्त महिलाओं ने ओगड़ सरोवर में उतर कर जल को चुनरी ओढा कर पंडित राधेश्याम वैष्णव ने सरोवर की पूजा अर्चना करवाई। समस्त महिलाओं ने यज्ञ में सप्त सागरों व आदित्य की आहुतियां लगवाई। सरोवर पूजन के लिए महिलाओं ने वर्ष भर सरोवर की पाल पर प्रतिदिन श्रमदान करते हुए मिट्टी डाली एवं पाल को मजबूत किया। महिलाओं ने बताया कि सामाजिकसरोकारों के तहत इस तरह का कदम उठाया। आम महिलाओं को प्रेरणा मिले इसलिए यह विशाल सरोवर पूजश का आयोजन रखा गया। आगामी वर्षों में और भी महिलाएं व युवतियां ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़कर अनेक बांधों पर श्रमदान कर उन्हें मजबूत बनाएगीं एवं भराव क्षमता को बढ़ाने में अपना अहम योगदान देगी। यज्ञ में पूर्णाहुति के बाद समस्त महिलाओं को पर्यावरण- संरक्षण - जल बचत एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई । इसके बाद सरोवर में खड़ी समस्त महिलाओं को अपने अपने भाइयों ने सहारा देकर सरोवर से बाहर लाकर नवीन परिधान धारण करवा उपस्थित समस्त महिला पुरुषों को राजकीय संस्कृत प्रवेशिका विद्यालय,केमुणिया मार्ग में आमंत्रित कर भर पेट प्रसाद ग्रहण करवाया ।सरोवर पूजन में ग्राम के समस्त समाज जनों की महिलाओं ने भाग लिया एवं वर्ष भर श्रमदान में सहयोग किया। श्रमदान करने वाली निम्न महिलाओं ने सरोवर पूजन में व वर्ष भर श्रमदान में भाग लिया। लक्ष्मी, नर्मदा, भगवती, शारदा, लाली, लीला, सुंदर बाई, कमला, धन्नी, नौसी, शंकरी, प्रेमी, सीता, संतोष, तारा, पुष्पा, टमू, चांदी, शांति, इन्दिरा, गीता, रुकमणी, ज्ञानी, लक्ष्मी मिट्ठू. धन्नी, कमली, नंदू,लादी, गीता, नारायणी, प्रेमी, सुगना, लादी, कंकू, इन्दिरा, मांगी, मीनाक्षी, भगवती, गीता, सुंदर, केसर, मधु, लक्ष्मी, भगवानी, भागू, प्रेमी, सीमा, पुष्पा, चांदी सहित सैंकड़ों महिलाओं ने सरोवर पूजन महोत्सव में भाग लिया।