पशु रोग निवारण हेतु भैरूजी के खीर व बाटी का भोग लगाया जायेगा



रायपुर 8 सितंबर ,(राधेश्याम वैष्णव)क्षैत्र के नान्दशा जागीर ग्राम में आज भी प्राचीन परम्पराओं का प्रचलन है।कस्बे के प्रसिद्ध रगतिया भेरूजी मंदिर परिसर में रात्रि जागरण के साथ ही प्रातःकाल से ही ग्रामीणों द्वारा पूरे गांव से दूध एकत्रित कर वर्ष भर पशुओं में किसी प्रकार का रोग नही आवे एवं पशु निरोगी रहे। इस हेतु खीर व बाटी बनाकर भेरूजी के भोग लगाया जाता हैं।तत्पश्चात खीर बाटी प्रसाद के रूप मे सभी ग्रामवासियों को खिलाई जाती है।पूरे गांव के चारों और ढोल के साथ बाकला बिखेरते हुए लोगों द्वारा परिक्रमा लगाई जाती है जिससे ऐसा कहा जाता हैं की यह रेखा एक लक्ष्मण रेखा का कार्य करती हैं जिससे गांव में पशुओं को किसी तरहा का रोग नहीं होता हैं।इस दिन सम्पूर्ण गांव में दूध के जावण नही लगाया जाता हैं अर्थात दूध जमाया नहीं जाता है।ग्रामीण अंचलों के लोगों मे प्राचीन काल से चली आरही परम्पराओं का आज भी निर्वाह किया जा रहा है।

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