उच्चाधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही के चलते वृक्षों के नीचे पढने को मजबूर विद्यार्थी
रायपुर 4 नवंबर, (राधेश्याम वैष्णव)क्षैत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उमेदपुरा में डी एम एफ टी योजनान्तर्गत कुल बजट 64 लाख के साथ सागर कंट्रक्शन को दिनांक 24 नवंबर 2017 को 6 कक्षा कक्षों के अतिरिक्त एक विज्ञान लैब, एक कंप्यूटर कक्ष व एक पुस्तकालय कक्ष के साथ निर्माण का कार्यादेश दिया गया। दो वर्ष पूर्ण होने के बावजूद भी उक्त ठेकेदार द्वारा छाबणा लेवल तक कार्य कर दिया है। अब निर्माण पर पूर्णरुपेण रोक लगा रखी है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा 64 लाख रुपये का बजट उक्त योजना में स्वीकृत किया गया लेकिन नई सरकार के गठन से लेकर अब तक ठेकेदार ने कोई नवीन कार्य नहीं किया। प्रधानाचार्य द्वारा इन दो वर्षों में कई बार ठेकेदार को नोटिस भी दिए व उच्चाधिकारियों का भी इस ओर ध्यान आकर्षित किया पर किसी पर जूं तक नहीं रैंगी व स्थिति जस की तस है। इधर निर्माण रुका हुआ है वहीं दुसरी तरफ छात्र छात्राएं कक्षा-कक्षों के अभाव में सभी रितुओं में पेड़ों के नीचे अध्ययन करने को विवश है। ग्रामीणों द्वारा भी कईं बार प्रधानाचार्य का इस ओर ध्यान दिलाया गया पर प्रधानाचार्य ने भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए ठेकेदार को नोटिस दिया पर अब भी वही स्थिति है। दो वर्षों से अधूरे निर्माण कार्यों से विद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है। इस विद्यालय का प्रतिवर्ष बोर्ड कक्षाओं का परिणाम श्रेष्ठ रहने के साथ पिछले तीन वर्षों से फाईव स्टार रैंक हासिल हो रही है। इधर फरवरी,2020 में बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित होंगी लेकिन निर्माण ठेकेदार व उच्चाधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस निर्माण के अभाव में सभी छात्र छात्राएं कम्प्यूटर कक्ष, विज्ञान लैब व पुस्तकालय कक्ष से वंचित हैं। राज्य सरकार के शिक्षामंत्री द्वारा 8नवंबर शुक्रवार से "शिक्षा मंत्री चले विद्यालयों की ओर" अभियान प्रारंभ कर विद्यालयों की भौतिक व शैक्षणिक समस्याओं को सुधारने की ओर प्रयास करेंगे लेकिन क्षैत्र का राउमावि, उम्मेदपुरा का निर्माण ठेकेदार व उच्चाधिकारियों का शिकार होकर राजस्थान सरकार की भावनाओं के विपरीत कार्य कर छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर आमजन में सरकार के विपरीत भावनाएं भर रहा है|